मैं ने जो गीत तेरे प्यार की खातिर लिखे...
आज उन गीतों को बाज़ार में ले आया हूँ...
आज दूकान पे नीलाम उठेगा उनका...
तू ने जिन गीतों पे रखी थी मुहब्बत कि असास...
आज चांदी के तराजू में तुलेगी हर चीज़...
मेरे अफकार, मेरी शायरी मेरा अहसास...
जो तेरी जात से मंसूब थे उन गीतों को...
मुफलिसी जींस बना ने पे उतर आयी है...
भूक तेरे रुख-ऐ-रंगीन के फसानों के...
‘एवाज्चंद अश’ये-ऐ-ज़रूरत की तमन्नाई है...
देख इस ‘अर्सागाह-ऐ-महनत-ओ-सरमाया में...
मेरे नग्मे भी मिरे पास नहीं रह सकते...
तेरे जलवे किसी ज़रदार कि मीरास सही...
तेरे खाके भी मेरे पास नहीं रह सकते...
आज उन गीतों को बाज़ार में ले आया होऊं ...
मैं ने जो गीत तेरे प्यार कि खातिर लिक्खे...
साहिर लुधियानवी...
एहसासों के कारवां कुछ अल्फाजो पे सिमेटने चला हूँ। हर दर्द, हर खुशी, हर खाब को कुछ हर्फ़ में बदलने चला हूँ। न जाने कौन सी हसरत है इस मुन्तजिर भावार्थ को।अनकहे अनगिनत अरमानो को अपनी कलम से लिखने चला हूँ.....
Sunday, November 30, 2008
Saturday, November 29, 2008
ताज पे कुछ कबूतर !!!

ताज पे कुछ कबूतर आज उड़ने आए...
दहशत में संदेश-ऐ-अमन वो पढने आए...
जिस ताज के सामने चुन्गते हैं दाना जो...
उसकी तामीर को सजदा करने आए...
अरब समंदर जहाँ छूता है शहर को...
जख्मी किनारे को मलहम मलने आए...
संग जिसके साख सा एहसास देते हैं ...
उस इमारत पे सब आंसू बहाने आये...
रहनुमा-ऐ-मुल्क सियासत में गुम रहे...
सबसे पहले शहीदों पे गुल चढाने आए...
कुछ उत्तर-मराठी का भेद करने में गुम रहे ...
वो इबादत-ऐ-जौहर को दिया जलाने आए...
शहर जो जिंदगी के मायने बदल चुका हो ...
जिंदगानी में पहले सा जोश भरने आए...
ताज पे कुछ कबूतर आज उड़ने आए...दशहत में संदेश-ऐ-अमन वो पढने आए...
भावार्थ...
दहशत में संदेश-ऐ-अमन वो पढने आए...
जिस ताज के सामने चुन्गते हैं दाना जो...
उसकी तामीर को सजदा करने आए...
अरब समंदर जहाँ छूता है शहर को...
जख्मी किनारे को मलहम मलने आए...
संग जिसके साख सा एहसास देते हैं ...
उस इमारत पे सब आंसू बहाने आये...
रहनुमा-ऐ-मुल्क सियासत में गुम रहे...
सबसे पहले शहीदों पे गुल चढाने आए...
कुछ उत्तर-मराठी का भेद करने में गुम रहे ...
वो इबादत-ऐ-जौहर को दिया जलाने आए...
शहर जो जिंदगी के मायने बदल चुका हो ...
जिंदगानी में पहले सा जोश भरने आए...
ताज पे कुछ कबूतर आज उड़ने आए...दशहत में संदेश-ऐ-अमन वो पढने आए...
भावार्थ...
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