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Sunday, December 28, 2008

जी चाहे तो !!!

जी चाहे तो शीशा बन जा...
जी चाहे तो पैमाना बन जा...
शीशा पैमाना क्या बनना....
मय बन जा मयखान बनजा...
मय बनके मयखाना बनके...
मस्ती का अफसाना बन जा...
मस्ती का अफसाना बनके...
हस्ती से बैगाना बन जा...
हस्ती से बैगाना बनना...
मस्ती का अफसाना बनना...
इस बनने से इस होने से ...
अच्छा है दीवाना बन जा...
दीवना बन जाने से ही ...
दीवाना होना अच्छा है...
दीवाना हो जाने से भी...
खाके दरेजाना बन जा...
खाके दरे जाना क्या है...
अहले दिल की आँख का सुरमा...
शम्मा की दिल की ठंडक बन जा...
नूरे दिले परवाना बन जा...
सीख जहीन के दिल से जलना....
काहे को हर शम्मा पे जलना...
अपनी आग में ख़ुद जल जाए...
तू ऐसा परवाना बन जा...

रक्स-ऐ-बिस्मिल (एल्बम)