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Friday, January 2, 2009

अब शिद्दते गम !!!

अब शिद्दते गम मस्लूही आराम सहारा देता है ...
या दोस्त तस्सली देते हैं या जाम सहारा देता है...

ऐ-दोस्त मोहब्बत के सदमे तनहा ही उठाने पड़ते हैं...
रहबर तो फकत इस रस्ते में दो गाँव सहारा देता है...

दो
नाम हैं सिर्फ़ इस दुनिया में एक साकी का एक यजदान ...
एक नाम परेशान करता है एक नाम सहारा देता है...

तूफ़ान के तेवर तो देखो साहिल की कोई उम्मीद नहीं...
मल्लाह की सूरत तो देखो नाकाम सहारा देता है...

पाकिस्तानी
शायर
(Singer: मुन्नी बेगम )

Sunday, December 7, 2008

मेरी दास्ताँ-ऐ-हसरत !!!

मेरी दास्ताँ-ऐ-हसरत वो सुना सुना के रोये...
मुझे आजमाने वाले मुझे आजमां के रोये...

तेरी तज अदायिओं पे तेरी बेवाफयियो पे...
कभी सर झुका के रोये कभी मुँह छुपा के रोये...

जो सुनाई अंजुमन ने शब्-ऐ-गम की आप बीती...
क्यों रो रो कर मुस्कुराये कई मुस्कुरा के रोये...

कोई ऐसा अहल-ऐ-दिल हो जो फ़साने मोहब्बत...
मैं उसे सुना के रोऊँ वो मुझे सुना के रोये...

में हूँ बे-वतन मुसाफिर मेरा नाम है बेकसी ...
मेरा कौन है जहाँ में जो गले लगा के रोये...

मेरे पास से गुज़र कर मेरी बात तक न पूछी...
मैं ये कसी मान जाऊं की वो दूर जा कर रोये...

कभी मुझसे रूठ कर वो जो मिले थे रास्ते मैं...
मैं उन्हें मना कर रोया वो मुझे मना कर रोये...

पाकिस्तानी शायर...
(sung by Aziz Mian)
http://in.youtube.com/watch?v=HvBHhErzW3U&feature=related

Friday, September 12, 2008

दिल चीज़ है क्या जाना !!!

दिल चीज़ है क्या जाना ये जाँ भी तुम्हारी है।
तेरी बाहों मैं दम निकले हसरत ये हमारी है।

रोती हूँ तड़पती हूँ कटती ही नहीं जालिम।
एक रात जुदाई की ये सौ रात से भारी है।

फूलो की कदर पूछो उस दर्द के माली से।
जिस शख्स ने कांटो पे एक उम्र गुजारी है।

गुम इश्क-मोहब्बत के चलो पूछ ले सादिक से।
इक बाज़ी मोहब्बत की उस शख्स ने हारी है।

दिल चीज़ है क्या जाना ये जाँ भी तुम्हारी है।
तेरी बाहों मैं दम निकले हसरत ये हमारी है।

पाकिस्तानी शायर...