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Thursday, December 11, 2008

यह कहानी फ़िर सही !!!

हमको किसके गम ने मारा ये कहानी फ़िर सही...
किसने तोडा दिल हमारा यह कहानी फ़िर सही...

दिल के लुटने का सबब पूछो न सबके सामने...
नाम आएगा तुम्हारा ये कहानी फ़िर सही...

नफरतों के तीर खा कर दोस्तों के शहर में...
हमने किस किस को पुकारा ये कहानी फ़िर सही...

क्या बताएं प्यार की बाज़ी वफ़ा की राह में...
कौन जीता कौन हारा यह कहानी फ़िर सही ...

गुलाम अली ग़ज़ल...