तुझे प्यार करते करते मेरी उम्र बीत जाए...
मुझे मौत भी जो आये तेरी बाजुओं में आये...
मुझे आज मिल गयी है मेरी चाहतों की मंजिल...
मुझे वो ख़ुशी मिली है की नहीं है बस में ये दिल...
मुझे आरजू थी जिनकी वो खुदा ने दिन दिखाए...
तुझे प्यार करते करते मेरी उम्र बीत जाए...
मुझे मौत भी जो आये तेरी बाजुओं में आये...
में जहां की सारी खुशियाँ तेरे नाम पे लुटा दूं...
तू कहे तो खून-ए-दिल से तेरी जिंदगी सजा दूं...
तुझे कोई गम ना आये तू हमेशा मुस्कुराये...
तुझे प्यार करते करते मेरी उम्र बीत जाए...
मुझे मौत भी जो आये तेरी बाजुओं में आये...
तेरा नाम ले कर जीना तेरा नाम ले कर मरना...
तेरे बंदगी यही है तुझे यु ही प्यार करना ...
तुझे क्यों न इतना चाहूँ तू ख़ुद को भूल आये...
तुझे प्यार करते करते मेरी उम्र बीत जाए...
मुझे मौत भी जो आये तेरी बाजुओं में आये...
मशरूर अनवर...
एहसासों के कारवां कुछ अल्फाजो पे सिमेटने चला हूँ। हर दर्द, हर खुशी, हर खाब को कुछ हर्फ़ में बदलने चला हूँ। न जाने कौन सी हसरत है इस मुन्तजिर भावार्थ को।अनकहे अनगिनत अरमानो को अपनी कलम से लिखने चला हूँ.....
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Saturday, July 31, 2010
तुझे प्यार करते करते !!!
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