एक पल में क्या से क्या हुआ जादू सा क्या चला ...
तुझसे जुदा हुआ तो में ख़ुद से जुदा हुआ...
आए याद तेरी आए !! जाए जान भी न जाए !!
सूना सूना सा है मौसम बोझिल सी शाम है...
तनहा तनहा हर रास्ता तनहा मुकाम है...
गुलसुम सी लगती है आई है जो हवा...
चुपके चुपके छुप कर रोता है आंसमा...
बेताब धड़कन मेरी आँखों में मेरी धुंआ...
तुझसे जुदा हुआ में ख़ुद से जुदा हुआ...
आए याद तेरी आए !! जाए जान भी न जाए
किसने सोचा था की आएगा ऐसा एक दिन...
खाली खाली होंगे हर पल छिन तेरे बिन ...
बैचैनी है बेताबी है दिल है बुझा बुझा...
मारा मारा दीवाना सा फिरता यहाँ वहां...
साँसे मेरी रुकी रुकी खामोश है सदा ...
तुझसे जुदा हुआ तो आज ख़ुद से जुदा हुआ...
आए याद तेरी आए !!! जाए जान भी न जाए !!!
अमिताभ वर्मा...