एहसासों के कारवां कुछ अल्फाजो पे सिमेटने चला हूँ। हर दर्द, हर खुशी, हर खाब को कुछ हर्फ़ में बदलने चला हूँ। न जाने कौन सी हसरत है इस मुन्तजिर भावार्थ को।अनकहे अनगिनत अरमानो को अपनी कलम से लिखने चला हूँ.....
Tuesday, August 15, 2017
Sunday, July 9, 2017
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं !!!
गुरु-वंदना !!!
जो वक़्त की सत्ता का देते ज्ञान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
हर शब्द ही उनका अगाध है
ज्यूं गूंजे अलख अनाद है
ज्ञान को मिलते जिनसे आयाम
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
उनकी निगाह में हैं सब एक
पृथ्वी के ये जीव जंतु अनेक
जिनसे प्रसारित है योग का ज्ञान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
शिव की कृपा से बाबाजी आये
हनुमत को जो नित दिन ध्यायें
वंदनीय है जिनसे शमशान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
जो वक़्त की सत्ता का देते ज्ञान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
जो वक़्त की सत्ता का देते ज्ञान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
हर शब्द ही उनका अगाध है
ज्यूं गूंजे अलख अनाद है
ज्ञान को मिलते जिनसे आयाम
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
उनकी निगाह में हैं सब एक
पृथ्वी के ये जीव जंतु अनेक
जिनसे प्रसारित है योग का ज्ञान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
शिव की कृपा से बाबाजी आये
हनुमत को जो नित दिन ध्यायें
वंदनीय है जिनसे शमशान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
जो वक़्त की सत्ता का देते ज्ञान
ऐसे गुरु को मैं करता प्रणाम
भावार्थ
गुरु पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं
०९.०७.२०१७
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