Thursday, June 5, 2008

Poem for One of my 8yrs old friend..!!!

सितारों का ये अफसाना प्यारा सा।
दिल पे छाए उन राजकुमारों सा।

किंग खान जग जिसको कहता है ।
कि-कि-कि किरन जो करता है।
देवदास बन नशे में डूबा रहता है।

शाहरुख़ लोगो के दिल का दुलारा सा।
सितारों का अफसाना प्यारा सा।

शर्ट को उतार कहीं छोड़ ये आते है।
बोडी शोडी ये अपनी खूब बनते हैं।
ओ ओ जाने जाना ये गुनगुनाते है।

ये सल्लू मियां है सब से न्यारा सा।
सितारों का अफसाना प्यारा सा।

लगान में छक्का था इनका ख़ास।
दिल चाहता में जो बन गया आकाश।
आती क्या खंडाला गाये वो बिंदास।

आमिर है जैसे खुशी का फुवारा सा।
सितारों का अफसाना प्यारा सा।

डॉन बन जो सब को सो डराता है।
शहंशाह बन जो रातो को जाता है।
हर कहनी में जो विजय कहलाता है।

बच्चन है वोलीबुड में उजियारा सा।
सितारों का अफसाना प्यारा सा।

भावार्थ...

Wednesday, June 4, 2008

अधूरी शाख्शियत की मेरी ऐसी तासीर थी !!!

ये बादल आए और चले गए बिन बरसे।
कितनी बेरुख मेरी प्यास की तकदीर थी।

छुप गया चाँद भी कहीं तारो से डर के।
अमावस की आईने में बनी तस्वीर थी।

लोग जो दफनाते थे अब जलाने लगे है।
जमीन इतनी कहाँ की सबको नसीब थी।

खुदा भी नहीं कर पाया मेरे वो सपने पूरे।
अधूरी शाख्शियत की मेरी ऐसी तासीर थी।

भावार्थ...