Monday, November 3, 2008

सुरमई अखियों में !!!

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा...२
निंदिया के उड़ते पाती रे...
अखियों मै आज साथी रे...
रारी रा रूम ओ रारी रूम....२

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा...२
रारी रा रूम ओ रारी रूम....२

सच्चा
कोई सपना देजा ...
मुझको कोई अपना देजा...
अंजना सा मगर कुछ पहचाना सा...
हलक फुल्का शबनमी...
रेशम से भी रेशमी...

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा...२
रारी रा रूम ओ रारी रूम....२

रात
के रथ पे जाने वाले...
नींद का रस बरसाने वाले...
इतना केर दे की मेरी आँखे भर दे॥
आखों मैं बसता रहे...
सपना ये हँसता रहे...

सुरमई अखियों में नन्हा मुन्ना एक सपना दे जा...२
रारी रा रूम ओ रारी रूम....२

गुलज़ार
...

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