Friday, July 25, 2008

हर पेड़ भी इंसान की तरह दूसरे से जुदा है !!!

हर पेड़ भी इंसान की तरह दूसरे से जुदा है।
लगता है इनमें भी हमारी ही तरह खुदा है।

कुछ बगीचे में उगते है तो कुछ वीरानो में।
कुछ रेतो में तो कुछ हरे-भरे मैदानों में।

कुछ बागो में अपनों के बीच निखरते हैं।
तो कुछ तनहा कहीं जिंदगी बसर करते हैं।

कोई फूल से सवारने का हुनर रखता है।
तो कोई कांटो से अपना सजर रखता है।

कोई उनमें से पूजा और खुदा माना जाता है।
तो कोई दूर खड़ा कहीं "अछूत" कहा जाता है।

भावार्थ...

3 comments:

महेंद्र मिश्रा said...

कुछ बागो में अपनों के बीच निखरते हैं
तो कुछ तनहा कहीं जिंदगी बसर करते हैं.
bahut hi sundar badhai

परमजीत बाली said...

बहुत बढिया!




कुछ बागो में अपनों के बीच निखरते हैं।
तो कुछ तनहा कहीं जिंदगी बसर करते हैं।




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No Mad Explorer.... said...

thanks !!! Mahendra ji n Paramjeet ji...