Wednesday, April 2, 2008

और ये तेरी जुदाई....!!!

वही रास्ते, वही सबा,वही मंजर।
वही साँसे , वही रूह, वही नज़र।
और ये तेरी जुदाई ....

वही गुल, वही वस्ल, वही सेहरा।
वही केशु, वही अक्स, वही चेहरा।
और ये तेरी जुदाई ....

वही हसी, वही खुशी, वही बातें।
वही चाँद, वही जिया, वही राते।
और ये तेरी जुदाई ....

वही बाम, वही सीना, वही शाम।
वही रंज, वही कसक, वही जाम।
और ये तेरी जुदाई ....

भावार्थ
...

2 comments:

SILKY said...

वही साँसे , वही रूह, वही नज़र।
ye ultimate hai.....gud deaar..

Ajay Kumar Singh said...

thnx a ton ruchika !!!